राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए 4 सदस्यों को नॉमिनेट किया….वकील उज्ज्वल निकम, इतिहासकार मीनाक्षी जैन, पूर्व डिप्लोमैट हर्षवर्धन श्रृंगला और समाजसेवी सदानंदन शामिल

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वकील उज्ज्वल निकम, इतिहासकार मीनाक्षी जैन, पूर्व डिप्लोमैट हर्षवर्धन श्रृंगला और समाजसेवी सदानंदन शामिल

नई दिल्ली 13 जुलाई 2025:- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए 4 सदस्यों को नॉमिनेट किया है।इनमें पूर्व सरकारी वकील और लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार रहे उज्ज्वल निकम शामिल हैं। निकम, 26/11 के मुंबई हमला समेत कई हाई-प्रोफाइल मामलों में पब्लिक प्रॉसिक्यूटर रहे हैं। इनके अलावा, केरल के वरिष्ठ समाजसेवी और शिक्षाविद सी. सदानंदन मास्टर, भारत के पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और इतिहासकार एवं शिक्षाविद मीनाक्षी जैन भी राज्यसभा जाएंगी।

ये नियुक्तियां उन सीटों के लिए की गई हैं, जो पहले के नामित सदस्यों के सेवानिवृत्त होने से खाली हुई थीं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80(3) के तहत, राष्ट्रपति को राज्यसभा में 12 सदस्यों को नॉमिनेट करने का अधिकार है। ये सदस्य कला, साहित्य, विज्ञान, सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विशेष योगदान के लिए चुने जाते हैं। वर्तमान में राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या 245 है, जिसमें 233 निर्वाचित और 12 नामांकित सदस्य शामिल हैं। राज्यसभा संसद का उच्च सदन भारत की संसद में दो सदन होते हैं- लोकसभा और राज्यसभा । राज्यसभा संसद का उच्च सदन होता है। इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 साल का होता है और हर 2 साल में एक तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं। संसद को दोनों सदनों का मुख्य काम विधान या कानून बनाना है। इसके लिए पहले विधेयक सदन में पेश किया जाता है। फिर इस पर चर्चा होती है, उसके बाद सभी की सहमति या वोटिंग कराकर इसे पारित कर दिया जाता है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ये कानून बन जाता है।राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव सीधे जनता नहीं, बल्कि अप्रत्यक्ष तरीके से होता है। इसका मतलब है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं (विधायकों) के चुने हुए सदस्य इन सदस्यों को चुनते हैं।

उज्ज्वल निकम न्याय के पक्षधर प्रसिद्ध वकील

उज्ज्वल निकम भारत के सबसे प्रमुख लोक अभियोजकों में से एक हैं। वे 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों सहित कई हाई प्रोफाइल आपराधिक मामलों में विशेष लोक अभियोजक के रूप में अपनी भूमिका के लिए प्रसिद्ध हैं। 2024 के आम चुनावों में, भाजपा ने उन्हें मुंबई उत्तर मध्य लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था, हालांकि उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार वर्षा गायकवाड़ से हार का सामना करना पड़ा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निकम को बधाई देते हुए कहा, श्री उज्ज्वल निकम का कानूनी क्षेत्र और हमारे संविधान के प्रति समर्पण अनुकरणीय है। उन्होंने हमेशा संवैधानिक मूल्यों को मज़बूत करने और आम नागरिकों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए काम किया है। यह खुशी की बात है कि भारत के राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है।%

हर्षवर्धन श्रृंगला अनुभवी राजनयिक और रणनीतिक विचारक

पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने संयुक्त राज्य अमेरिका, बांग्लादेश और थाईलैंड में राजदूत सहित कई महत्वपूर्ण राजनयिक पदों पर कार्य किया है। उन्होंने 2023 में भारत की 20 अध्यक्षता के लिए मुख्य समन्वयक के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने श्रृंगला को बधाई देते हुए कहा, % श्री हर्षवर्धन श्रृंगला जी ने एक राजनयिक, बुद्धिजीवी और रणनीतिक विचारक के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने भारत की विदेश नीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुझे खुशी है कि उन्हें राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के लिए नामित किया गया है। उनके अद्वितीय दृष्टिकोण संसदीय कार्यवाही को और समृद्ध करेंगे।

सी. सदानंदन मास्टर-साहस और सामाजिक सेवा

केरल के सी. सदानंदन मास्टर एक वरिष्ठ शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिनका लंबे समय से भाजपा से जुड़ाव रहा है। उन्होंने 2021 का केरल विधानसभा चुनाव लड़ा था। वे 1994 में एक क्रूर राजनीतिक हिंसा में बच निकलने के लिए भी जाने जाते हैं, जब उन पर हमला किया गया था और उनके दोनों पैर काट दिए गए थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर सदानंदन मास्टर को बधाई दी, श्री सी. सदानंदन मास्टर का जीवन साहस और अन्याय के आगे न झुकने की भावना का प्रतीक है। हिंसा और धमकी राष्ट्रीय विकास के प्रति उनके जज्बे को डिगा नहीं सकी। एक शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी उनके प्रयास सराहनीय हैं।

डॉ. मीनाक्षी जैन-शिक्षा और इतिहास की प्रसिद्ध विद्वान

इस सूची में प्रसिद्ध इतिहासकार और दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज में इतिहास की पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मीनाक्षी जैन का नाम भी शामिल है। भारतीय इतिहास के क्षेत्र में उनके कार्यों और शिक्षा जगत में उनके योगदान को व्यापक रूप से मान्यता मिली है। प्रधानमंत्री ने कहा, % यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि डॉ. मीनाक्षी जैन जी को राष्ट्रपति जी द्वारा राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है। उन्होंने एक विद्वान, शोधकर्ता और इतिहासकार के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।


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