सिख इतिहास से जुड़ा गतका देश की गौरवशाली जंगजु विरासत का प्रतीक : सांसद विजय बघेल...विरासती खेल: भिलाई में 13 वीं राष्ट्रीय गतका चैंपियनशिप धूमधाम से शुरू.... - Steel City Online News Portal

सिख इतिहास से जुड़ा गतका देश की गौरवशाली जंगजु विरासत का प्रतीक : सांसद विजय बघेल…विरासती खेल: भिलाई में 13 वीं राष्ट्रीय गतका चैंपियनशिप धूमधाम से शुरू….

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सिख इतिहास से जुड़ा गतका देश की गौरवशाली जंगजु विरासत का प्रतीक : सांसद विजय बघेल…

विरासती खेल: भिलाई में 13वीं राष्ट्रीय गतका चैंपियनशिप धूमधाम से शुरू

भिलाई नगर, 10 अक्टूबर, 2025: – नेशनल गतका ऐसोसिएशन आफ़ इंडिया द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 13 वीं राष्ट्रीय गतका चैंपियनशिप शुक्रवार को गुरु नानक इंग्लिश सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भिलाई में धूमधाम से शुरू हुई। न्यू गतका स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के सहयोग से आयोजित ये गतका प्रतियोगिताएँ भारत की प्राचीन जंगजू और सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ सिख आध्यात्मिक कला का गौरवशाली प्रतीक हैं और वीरता, अनुशासन, सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव का संदेश भी देती हैं।


इन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग संसदीय क्षेत्र के सांसद विजय बघेल ने पूर्व मंत्री एवं विशिष्ट अतिथि प्रेम प्रकाश पांडे की उपस्थिति में किया। इस अवसर पर उनके साथ भारतीय राष्ट्रीय गतका संघ (एनजीएआई) के अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल, छत्तीसगढ़ सिख पंचायत के अध्यक्ष जसबीर सिंह चहल, न्यू गतका स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष एवं प्रख्यात समाजसेवी इंद्रजीत सिंह छोटू, महासचिव जसवंत सिंह खालसा और वित्त सचिव मलकीत सिंह लल्लू सहित कई गणमान्य हस्तियाँ मौजूद थीं।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विजय बघेल ने टूर्नामेंट आयोजकों की प्रशंसा करते हुए गतका के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि गतका केवल एक मार्शल आर्ट ही नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक धरोहर है जो भारत के गौरवशाली अतीत के जीवंत स्वरूप और सिख इतिहास की अजेय भावना को प्रतिबिम्बित करता है।

ऐसी स्वदेशी कला को बढ़ावा देने से हमारी संस्कृति का संरक्षण होता है और युवाओं में हमारे पूज्य गुरुओं द्वारा दिखाए गए साहस, अनुशासन, भक्ति और समर्पण के गुणों का संचार होता है।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि गतका की राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी करना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। यह प्राचीन कला न केवल फिटनेस और अनुशासन सिखाती है बल्कि एकता और सांस्कृतिक संरक्षण के अपने संदेश के माध्यम से सामाजिक समरसता और सद्भाव को भी मजबूत करती है।


अतिथियों और आयोजकों का धन्यवाद करते हुए एनजीएआई और विश्व गतका महासंघ के अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि ये दोनों प्रमुख संस्थाएँ गतका को एक पारंपरिक कला और आधुनिक खेल के रूप में संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऐसी चैंपियनशिप के माध्यम से हमारा उद्देश्य देश के खिलाड़ियों को वैश्विक खेल मंच के लिए तैयार करना है। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में गतका को ओलंपिक सहित अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बहु-खेल प्रतियोगिताओं में शामिल किया जाए।


इंदरजीत सिंह छोटू और जसवंत सिंह खालसा ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इस चैंपियनशिप में भारत भर के बारह राज्यों से 500 से अधिक लड़के-लड़कियाँ भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि रविवार, 12 अक्टूबर को समापन समारोह में गतका-सोती और फरी-सोती स्पर्धाओं की विभिन्न व्यक्तिगत और टीम प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पदक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।


इस अवसर पर इंद्रजीत सिंह छोटू ने घोषणा की कि छत्तीसगढ़ के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को खेल सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी और उन्हें नक़द इनाम राशि से विशेष सम्मान भी दिया जाएगा।
इस चैंपियनशिप को गुरुद्वारा बेचे जानकी जी, जोन-2 खुर्सीपार, गुरुद्वारा श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी, कैंप-2 भिलाई, गुरुद्वारा श्री गुरु अर्जुन देव जी हाउसिंग बोर्ड, गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी कैंप, गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा गुरु नानक नगर, गुरुद्वारा बाबा बुद्ध साहिब जी कोदका, गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह जी सुपेला, गुरुद्वारा जनक सर बेहरू नगर, गुरुद्वारा माता गुजरी जी हुड़को, गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा सहित छत्तीसगढ़ सिख पंचायत, युवा सेवा समितियों और विभिन्न सामुदायिक संगठनों से पूर्ण समर्थन मिला।

सेक्टर-5, श्री गुरु नानक पब्लिक धर्मशाला, सिख यूथ फोरम, गुरु नानक सीनियर सेकेंडरी स्कूल और पंजाबी कल्चरल एंड वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा पूरन सहयोग दिया गया है।


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