भिलाई इस्पात संयंत्र में सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर का उद्घाटन, सेल नेटवर्क में अपनी तरह की पहली सुविधा

भिलाई नगर 30 दिसंबर 2025:- भिलाई इस्पात संयंत्र में डिजिटल सुदृढ़ता और साइबर सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में 30 दिसंबर, 2025 को निदेशक प्रभारी (भिलाई इस्पात संयंत्र) चित्त रंजन महापात्र द्वारा अत्याधुनिक सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (एसओसी) का उद्घाटन किया गया। यह सेंटर पूरे सेल नेटवर्क में स्थापित होने वाला अपनी तरह का पहला सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर है।

इस्पात भवन, भिलाई में स्थापित यह एसओसी एक केंद्रीकृत सुविधा है, जिसका उद्देश्य संगठन के कंप्यूटर नेटवर्क, आईटी अवसंरचना, प्रणालियों तथा महत्वपूर्ण डेटा पर होने वाले साइबर खतरों की निरंतर निगरानी, पहचान, विश्लेषण और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। यह केंद्र आईटी के साथ-साथ ओटी (ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी) सुरक्षा को भी सुदृढ़ करेगा तथा चौबीसों घंटे बदलते साइबर खतरों के विरुद्ध सतर्कता सुनिश्चित करेगा।
उद्घाटन समारोह में विशिष्ट रूप से निदेशक (आईआईटी कानपुर) एवं चेयरमैन (सी3आईहब) प्रो. डॉ. मनीन्द्र अग्रवाल, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) पी. के. सरकार, कार्यपालक निदेशक (माइन्स) कमल भास्कर, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (लौह) तापस दासगुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक (ऑटोमेशन एवं डिजिटलाईज़ेशन) रवि शंकर, प्रोग्राम डायरेक्टर (सी3आईहब) प्रो. सोमित्र सनाढ्य, सीईओ (सी3आईहब) डॉ. तनिमा हाजरा, सीटीओ (सी3आईहब) डॉ. रास द्विवेदी, सीएसओ (सी3आईहब) डॉ. आनंद हांडा सहित विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधकगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं ऑटोमेशन एवं डिजिटलाईज़ेशन विभाग की टीम उपस्थित रही।

यह एसओसी परियोजना भिलाई इस्पात संयंत्र की इंडस्ट्री 4.0 रूपरेखा के अंतर्गत एक प्रमुख डिजिटलीकरण पहल है, जिसे मुख्य महाप्रबंधक (ए एंड डी) रवि शंकर तथा महाप्रबंधक (ए एंड डी) एम. पी. सिंह के मार्गदर्शन में ऑटोमेशन एवं डिजिटलाईज़ेशन विभाग द्वारा क्रियान्वित किया गया है।
अपने संबोधन में श्री चित्त रंजन महापात्र ने कहा कि यह पहल देश की औद्योगिक रीढ़ को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा नवाचार और सुरक्षा प्रणालियों के प्रति संयंत्र की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस परियोजना में भारत की एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था के साथ सहयोग किया गया है, जो साइबर सुरक्षा अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता एवं कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि यह अकादमिक–उद्योग सहयोग संयंत्र को साइबर खतरों से सुरक्षित रखने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।

इस अवसर पर निदेशक (आईआईटी कानपुर) एवं चेयरमैन (सी3आईहब) प्रो. डॉ. मनीन्द्र अग्रवाल ने कहा कि यह एसओसी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि इसके अधिकांश घटक स्वदेशी रूप से विकसित किए गए हैं। उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र के साथ भविष्य में भी इस सहयोग को और सुदृढ़ करने की बात कही।
कार्यक्रम की शुरुआत में महाप्रबंधक (ए एंड डी) श्री एम. पी. सिंह ने एसओसी की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि साइबर हमलों से नेटवर्क की सुरक्षा के लिए यह एक मूलभूत आवश्यकता थी। उन्होंने बताया कि भिलाई इस्पात संयंत्र और सी3आईहब के सहयोग से साइबर सुरक्षा ऑडिट, सिस्टम अध्ययन एवं आकलन, विशेषज्ञ परामर्श, समाधान डिज़ाइन, प्रशिक्षण तथा एंड-टू-एंड क्रियान्वयन जैसे व्यापक पहलुओं को इस प्रणाली के अंतर्गत शामिल किया गया है।

सी3आईहब के सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्री कार्तिक पवार ने एसओसी के रणनीतिक लाभों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि होस्ट एवं नेटवर्क आधारित इंट्रूज़न डिटेक्शन सिस्टम, वल्नरेबिलिटी स्कैनर और मैलवेयर एनालिसिस प्लेटफॉर्म जैसे उन्नत एसओसी टूल्स के माध्यम से थ्रेट इंटेलिजेंस प्राप्त होगी, जिससे आईटी एवं ओटी नेटवर्क पर बेहतर दृश्यता और साइबर खतरों पर त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी।
इस एसओसी को भिलाई इस्पात संयंत्र में क्रियान्वित कराने में ऑटोमेशन एवं डिजिटलाईज़ेशनविभाग के महाप्रबंधक सुश्री समिधा गुप्ता, उप महाप्रबंधक श्री एम. एस. चौहान, सहायक महाप्रबंधक सुश्री स्वाति प्रदीप एवं सहायक महाप्रबंधक श्री अखिलेश मिश्रा सहित ऑटोमेशन एवं डिजिटलाईज़ेशन की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

गौरतलब है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में एसओसी की स्थापना भिलाई इस्पात संयंत्र एवं सी3आईहब, आईआईटी कानपुर के बीच 27 जून, 2023 को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन का प्रतिफल है। एसओसी की स्थापना, संचालन तथा पांच वर्षों के व्यापक अनुरक्षण का कार्य मेसर्स सी3आईहब– आईआईटी कानपूर को सौंपा गया है।



