भिलाई इस्पात संयंत्र में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर “शक्ति 2026” का आयोजन; प्रेरक व्याख्यान, क्विज़ एवं पुस्तक विमोचन……
अलग सोचने का साहस करें — नए रास्तों को तलाशने का साहस करें” : डॉ. आभा छाबड़ा, वैज्ञानिक (इसरो)

भिलाई नगर 08 मार्च 2026:- भिलाई इस्पात संयंत्र में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस–2026 के अवसर पर संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग के सहयोग से विशेष कार्यक्रम “शक्ति 2026” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य संगठन और समाज में महिलाओं की शक्ति, उपलब्धियों तथा योगदान को सम्मानित करना था। कार्यक्रम में संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारी, महिला अधिकारी एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर नारी शक्ति का उत्सव मनाया।
इस अवसर पर निदेशक प्रभारी (भिलाई इस्पात संयंत्र) चित्त रंजन महापात्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि वैज्ञानिक, स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), अहमदाबाद डॉ. आभा छाबड़ा विशिष्ट वक्ता के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुईं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) पी.के. सरकार, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक (माइंस) कमल भास्कर, कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) के सी मिश्रा, मुख्य महाप्रबंधक (एमडब्ल्यूआरएम) एम के गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ विनीता द्विवेदी, सहित संयंत्र के अन्य महाप्रबंधक और वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी के संबोधन से हुआ। उन्होंने पेशेवर तथा सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि महिलाओं की उपलब्धियों को पहचानना और उन्हें प्रोत्साहित करना आज के समय की आवश्यकता है।
इसके पश्चात उप प्रबंधक (जनसंपर्क) सुश्री शालिनी चौरसिया तथा उप प्रबंधक (मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास) सुश्री सुष्मिता पाटला द्वारा एक रोचक “शक्ति क्विज़” का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद उप महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) सुश्री स्मिता जैन ने “सेव स्टेडिली, इन्वेस्ट वाइजली” विषय पर जानकारीपूर्ण प्रस्तुति देते हुए वित्तीय जागरूकता और जिम्मेदार निवेश के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण डॉ. आभा छाबड़ा का विशेष व्याख्यान रहा, जिसमें उन्होंने विज्ञान, शिक्षा, प्रशासन, चिकित्सा, उद्योग तथा अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे विविध क्षेत्रों में महिलाओं के बढ़ते और महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में भी महिलाओं की भूमिका निरंतर बढ़ रही है और वे उपग्रह मिशनों, प्रक्षेपण यानों तथा विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
बीएसपी की महिला कार्यबल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यहाँ महिलाएँ स्टील मेल्टिंग शॉप, यूआरएम, कोक ओवन तथा ब्लास्ट फर्नेस जैसे प्रमुख परिचालन क्षेत्रों में भी कार्यरत हैं, जहाँ गैर-कार्यपालक एवं संविदा कर्मियों में भी महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी है। उन्होंने बताया कि इसरो में 35 प्रतिशत से अधिक कार्यबल महिलाएँ हैं, जो क्वांटम और अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी से लेकर आर्कटिक अभियानों तक अग्रणी भूमिका निभा रही हैं तथा गगनयान, चंद्रयान-4 एवं 5 तथा भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन जैसी आगामी परियोजनाओं में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।

उन्होंने परिवार के सहयोग को सफलता का आधार बताते हुए महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा योग अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने भिलाई महिला समाज के कार्यों की भी सराहना करते हुए कहा कि उसका ध्येय वाक्य “सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त भारत” महिला सशक्तिकरण की सच्ची भावना को दर्शाता है तथा संस्था द्वारा महिलाओं और उनके परिवारों के उत्थान के साथ-साथ भिलाई इस्पात संयंत्र को हैंडग्लव्स, एप्रन और स्टेशनरी जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। अपने समापन वक्तव्य में उन्होंने अपनी स्वरचित पंक्तियों के माध्यम से महिलाओं को “अलग सोच के माध्यम से, नए रास्तों को तलाशने साहस करने का” संदेश दिया।
समापन सत्र की शुरुआत महाप्रबंधक प्रभारी (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) श्री अमूल्य प्रियदर्शी के स्वागत उद्बोधन से हुई, जिसमें उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र में महिला दिवस समारोह के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर “इस्पाती इरादे – द स्टिली स्ट्रेंथ ऑफ सेल विमेन” शीर्षक से प्रकाशित महिला दिवस स्मारक पुस्तिका का विमोचन निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र, डॉ. आभा छाबड़ा तथा संयंत्र के कार्यपालक निदेशकों द्वारा किया गया। इस पुस्तक में सेल एवं विशेषकर भिलाई इस्पात संयंत्र की महिला कर्मियों की प्रेरणादायक कहानियों, जीवन यात्राओं और उपलब्धियों को संकलित किया गया है। प्रकाशन में योगदान देने वाले भिलाई इस्पात संयंत्र के लेखिकाओ को इस अवसर पर सम्मानित भी किया गया।
उल्लेखनीय है कि इस पुस्तक में संकलित प्रविष्टियाँ “अपने युवा स्वरूप को लिखे गए पत्र” (लेटर्स टू यंगर सेल्व्स) के रूप में प्रस्तुत की गई हैं। प्रत्येक लेखिका ने अपने जीवन के अनुभवों, सीख और संघर्षों से प्राप्त प्रेरणाओं को अपने युवा स्वरूप के लिए संदेश के रूप में साझा किया है, साथ ही इन्हें अपने भविष्य के लिए भी एक मार्गदर्शक संदेश के रूप में अभिव्यक्त किया है। इस पुस्तक में केवल भिलाई इस्पात संयंत्र ही नहीं, बल्कि सेल के अन्य इकाइयों की महिला कर्मचारियों ने भी अपने लेखों के माध्यम से योगदान दिया है।

संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र ने अपने संबोधन में महिलाओं की शक्ति, दृढ़ता और उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए अधिक समावेशी और समानतापूर्ण समाज के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएँ लंबे समय से परिवार, समाज और संस्थानों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं तथा विज्ञान, शासन और उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं।
इस्पात उद्योग के बदलते परिदृश्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र में महिलाएँ महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं और उनकी भागीदारी को शिक्षा, समानता आधारित नीतियों तथा सुरक्षित और सहयोगात्मक कार्यस्थलों एवं शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लैंगिक समानता एक सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है और संगठन महिलाओं के लिए सशक्त एवं समावेशी कार्य वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के प्रति सम्मान और समानता की भावना घर से ही प्रारंभ होनी चाहिए तथा नई पीढ़ी को महिलाओं को समान मानते हुए उनके विकास में सहयोग करना सिखाया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में क्विज़ प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया, जिसमें प्रथम पुरस्कार सुश्री निशा बाउल व सुश्री शादमा खान की टीम, द्वितीय पुरस्कार सुश्री नीरजा शर्मा व सुश्री शबनम श्वेता की टीम एवम तृतीय पुरस्कार सुश्री ए सुजाता व सुश्री शिखा ताम्रकार की टीम ने प्राप्त किया तथा अंत में लकी ड्रॉ के माध्यम से प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन उप महाप्रबंधक (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) श्रीमती अपर्णा चंद्रा ने किया, जबकि महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री संजीव श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन उप महाप्रबंधक (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) श्रीमती अपर्णा चंद्रा ने किया, जबकि महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री संजीव श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाप्रबंधक (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) राजीव कुमार, सहायक महाप्रबंधक (जनसंपर्क) जवाहर बाजपेयी, उप प्रबंधक (जनसंपर्क) सुश्री शालिनी चौरसिया तथा उप प्रबंधक (मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास) सुश्री सुष्मिता पाटला के साथ साथ संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क विभाग एवं मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


