कबीरधाम में पथराव ब्रेकिंग : झंडे के अपमान पर बवाल,...... आंदोलनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया SP की ऊंगली टूटी, ASP का हाथ टूटा ..... - Steel City Online News Portal

कबीरधाम में पथराव ब्रेकिंग : झंडे के अपमान पर बवाल,…… आंदोलनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया SP की ऊंगली टूटी, ASP का
हाथ टूटा …..

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कबीरधाम 3 मार्च 2023 : भोरमदेव थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोंडवाना समाज के आंदोलन में पथराव पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह सहित कई पुलिसकर्मी घायल बेरीकेडिंग लगाने पर आंदोलनकारियों ने लाठी और पत्थरों से पुलिस कर्मियों पर हमला कर दिया मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कबीरधाम जिले के भोरमदेव थाना क्षेत्र का मामला स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है गुरु दुर्ग भगत की गिरफ्तारी की मांग को लेकर गोंडवाना समाज ने आज आंदोलन किया आंदोलन स्थल पर कबीरधाम के पुलिस अधीक्षक व कलेक्टर भारी पुलिस महकमे के साथ मौजूद हैं स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है जानकारी मिलते ही दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक डॉक्टर आनंद छाबड़ा भारी पुलिस बल के साथ कबीरधाम पहुंच गए हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं आईजी के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है आसपास के जिलों से भी पुलिस फोर्स बुला ली गई है लगभग 2 दर्जन से अधिक पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी पथराव में घायल हुए हैं

जिले में एक बार फिर झंडे को लेकर बड़ा बवाल हो गया. शुक्रवार को एक समाज के लोगों ने झंडे का अपमान करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन किया. इस दौरान समाज के लोगों की पुलिस के साथ झड़प हो गई. इसमें एसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह, एएसपी मनीषा ठाकुर, सीएसपी कौशल किशोर वासनिक भोरमदेव के थाना प्रभारी निरीक्षक भूषण एक्का सहित दो दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए. घटना की जानकारी मिलने के बाद आईजी डॉ. आनंद छाबड़ा कवर्धा पहुंच गए हैं. अतिरिक्त पुलिस बल के साथ प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी शुरू कर दी गई है.

कवर्धा जिले में झंडा हटाने को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का प्रदर्शन हिंसक हो गया । GGP और धर्म गुरु के बीच विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम पर पार्टी के लोगों ने लाठी-डंडे से हमला कर दिया। जिसमें एसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह, एएसपी समेत 16 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। फिलहाल गांव में 60 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं 150 लोग शुक्रवार देर रात हिरासत में लिए गए हैं।

हिरासत में लिए गए 150 लोगों में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष जे लिंगा भी शामिल हैं। हालांकि इनमें से किसी पर भी मामला दर्ज नहीं किया गया है। शनिवार सुबह से गांव का माहौल शांत है, फिर भी एहतियातन गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। डीएसपी के नेतृत्व में 60 पुलिस जवान मौजूद हैं। वहीं गांव वाले शांति चाहते हैं, इसलिए जो दोषी हैं, उन पर कारवाई की मांग कर रहें हैं। गांववालों का कहना है कि जिन्होंने भी पुलिस पार्टी पर हमला किया, उन लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

दरसअल, गोंडवाना समाज के सतरंगी झंडा को लेकर गोंडवाना समाज के लोगों ने आज एक बैठक राजनांदगांव में रखी थी. बैठक होने के बाद सैकड़ों की संख्या में गोंडवाना समाज के लोग झंडे का अपमान करने वाले दुर्गे भगत की गिरफ्तारी को लेकर ग्राम हरमो पहुंचे थे. यहां पर पहले से ही कवर्धा पुलिस बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए मौजूद थी. इस दौरान पुलिस को देखकर प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव कर दिया.

प्रदर्शनकारियों के हमले में एसपी की अंगुली टूट गई. एडिशनल एसपी मनीषा ठाकुर का हाथ में फ्रैक्चर की जानकारी सामने आ रही है. इसी तरह उप पुलिस अधीक्षक कौशल किशोर वास्तविक भोरमदेव के थाना प्रभारी निरीक्षक भूषण एक्का सहित 02 दर्जन अधिकारी व पुलिसकर्मी भी झड़प में घायल हो गए हैं. सभी को हॉस्पिटल ले जाया गया है. घायल अवस्था में कबीरधाम के पुलिस कप्तान डॉ. लाल उमेद सिंह ने Steel City online चर्चा करते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और बताया कि आंदोलनकारियों के पथराव के बावजूद मेरे पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों ने काफी संयम से काम लिया

पुलिस अधीक्षक के अनुसार कबीरधाम जिले बोडला ब्लॉक,थाना भोरम देव अंतर्गत गौरी चौरा स्थल पर बूढ़ा देव की पूजा ग्राम के आदिवासी समाज द्वारा की जाती है। गांव में गत वर्ष इसी पूजा स्थल पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जिला अध्यक्ष जे लिंगो द्वारा अपना एकाधिकार स्थापित करने के उद्देश्य से अपने आराध्य बड़ादेव का झंडा भी लगा दिया गया था, जे लिंगों की इस एकाधिकार वाली मनोवृत्ति का विरोध स्थानीय ग्रामीणों में देखा जा रहा था ,क्योंकि गांव में बूढ़ादेव को मानने वाले लोग अधिक हैं।

इस वर्ष स्थानीय ग्रामीणों ने 14 फरवरी 2023 को हुए एक सामाजिक कार्यक्रम में अपने समाज प्रमुख तिवर्ता कोरबा से आए दुर्गे भगत के नेतृत्व में पूजा अर्चना कर अपना झंडा लगाया । इसके बाद गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन द्वारा दुर्गे भगत पर कार्यवाही की मांग को लेकर 15.02.23 और 20.02.23 को कलेक्टर कबीरधाम को ज्ञापन दिया गया।23.02.23 को दुर्गे भगत का पुतला दहन भी किया गया।28.02.23 को ज्ञापन देकर 03.03.23 को महा आंदोलन की चेतावनी दी गई ।

इस बीच में पुलिस व प्रशासन के द्वारा मामले का शांतिपूर्वक समाधान निकालने के लिए 2-3 बार बैठक भी आहूत की गयी किंतु गोंडवाना गणतन्त्र पार्टी ज़िला प्रमुख जे लिंगों किसी भी मीटिंग में उपस्थित नहीं हुआ । आज 03.03.2023 को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जिला अध्यक्ष जे. लिंगो के नेतृत्व में भोरमदेव के पास बाजार चौक राजानवागांव में, गोंगपा कार्यकर्ता मुख्य रुप से मलेश्वर मरकाम, सुखदेव धुर्वे आदि कार्यकर्ता लगभग 450 से 500 की संख्या में एकत्र होकर सभा का आयोजन किया गया ,बाद यहां से रैली निकालकर लगभग 5 किलोमीटर दूर ग्राम हरमो को निकले, जिसे पुलिस प्रशासन द्वारा राजानवागांव के बाहर हरमो मार्ग पर बैरिकेड लगाकर रोका गया, किंतु प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस बल के साथ झूमा झटकी करते हुए बेरिकेड को तोड़ते हुए गांव के लिए रवाना हुए बाद ग्राम हरमो पहुंचकर गोगपा जिलाध्यक्ष जे. लिगो के निवास में सभी प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए,यहां से सभी विवादित स्थल के लिए रवाना हुए।

विवादित स्थल के पूर्व पुलिस द्वारा बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोका गया। किंतु प्रदर्शनकारियों द्वारा बेरीकेट को तोड़ते हुए पुलिस के ऊपर पथराव किया गया, जिस पर पुलिस बल द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया गया किंतु उग्र भीड़ पुलिस पर लाठी बरसाते हुए विवादित स्थल तक पहुंचने का प्रयास करने लगी जिसके पश्चात पुलिस बल द्वारा लाठीचार्ज करने पर भीड़ तितर-बितर हुई।

पुलिस बल द्वारा आंसू गैस का भी प्रयोग किया गया उक्त घटना में पुलिस अधीक्षक डा .लाल उम्मेद सिंह ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा ठाकुर, डीएसपी कौशल किशोर वासनिक निरीक्षक भूषण एक्का , निरीक्षक चूड़ेंद्र सहित बहुत से पुलिसवालो को चोटें आई हैं साथ ही प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आई है। कुछ समय बाद पुलिस द्वारा गांव में आए बाहरी प्रदर्शनकारियों को गांव से बाहर रवाना किया गया।प्रमुख बलवाइयों की गिरफ्तारी की जा रही है। प्रदर्शनकारियों से पूजा स्थल पर पहुंचने के समय वहां बूढ़ादेव को मानने वाले लगभग 80 से 100 महिला पुरुष एकत्र होकर सामाजिक रीति से पूजा पाठ कर रहे थे ।


पुलिस द्वारा यदि प्रदर्शनकारियों को नहीं रोका जाता तो आदिवासी समाज के दो वर्गों के मध्य संघर्ष की स्थिति निर्मित हो सकती थी।वहाँ उपस्थित महिलाओं बच्चों को भी चोट लगता सम्भावित थी इसके अलावा बड़ा देव का झंडा लगाने की कोशिश करने पर पूजा स्थल पर तोड़फोड़ भी हो सकती थी और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती थी इसलिए स्थिति को नियंत्रित करने के लिए और क़ानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा । मौक़े पर पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग डॉ आनंद छाबड़ा भी अतिरिक्त बल के साथ पहुँच गये है स्थिति नियंत्रण में है


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