नाराज कांग्रेसी पार्षदों व जोन अध्यक्षों को महापौर ने बांटा गिफ्ट….. मेयर पर फूटा पार्षदों जोन अध्यक्षो का गुस्सा …. शहर सरकार को लेकर महापौर, भिलाई विधायक , कांग्रेस अध्यक्ष के सामने पार्षदों ने जताई नाराजगी …

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भिलाई नगर 31 मार्च 2023। शहर सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है महापौर और विधायक को जहां कांग्रेसी पार्षदों के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है वही जहां सरकार को लेकर कांग्रेसी पार्षदों में नाराजगी दिन पर दिन बढ़ती जा रही है निर्वाचित पार्षदों को जहां पूछताछ पुछ परख बंद कर दिया गया है वही उनके इलाके में हो रहे कार्यों की भी जानकारी पार्षदों को ना होने से उनके में जमकर शहर सरकार को लेकर आक्रोश है आरोप तो यहां तक है कि कांग्रेसी पार्षदों का मोबाइल फोन भी महापौर द्वारा नहीं उठाया जाता है कांग्रेस के नाराज पार्षदों को मनाने गुरुवार सुबह से गोपनीय बैठक की कवायद शुरू हुई।

लगातार बुलावे के बाद कांग्रेश के 35 पार्षद पहुंचे। सबने शहर सरकार को लेकर जमकर नाराजगी जताई। महिला पार्षदों तक को गुस्सा फूट पड़ा। बैठक में विधायक देवेंद्र यादव, महापौर नीरज पाल व भिलाई जिला कांग्रेस के अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर मौजूद रहे। पार्षद व जोन अध्यक्ष इस बात को लेकर नाराज थे कि उनके वार्ड में उनकी निधि से कार्य होते है उन्हें पता ही नही चलता। साथ ही सभी ने महापौर नीरज पाल के प्रति जमकर गुस्सा का इजहार करते हुए कहा कि वे तो पार्षदों का फोन तक नही उठाते है। महापौर ने पार्षदों की नाराजगी को देखते हुए खेद जताया। वहीं नाराज पार्षदों को मनाने के लिए जूसर (जूस बनाने की मशीन) बांटा गया।

बता दें कि भिलाई कांग्रेस में एक पखवारे से बवाल चल रहा है। जोन-4 के. अध्यक्ष भूपेन्द्र यादव के इस्तीफे के बाद सतह पर चल रहा बवाल सामने आ गया। उसके बाद खबर आई कि सिर्फ जोन-4 के अध्यक्ष ही नहीं बल्कि सभी जोन के अध्यक्ष, चार एमआइसी मेबर, 15 से ज्यादा पार्षद यहां तक शहर सरकार को समर्थन देने वाले पार्षद चार निर्दलीय पार्षद भी नाराज बताए जा रहे हैं निर्दलीय पार्षद शहर सरकार से समर्थन वापस लेने की बात पर भी चर्चा कर रहे हैं वही अन्य जोन अध्यक्ष एम आई सी के 4 सदस्य तथा 15 पार्षद इस्तीफा देने की तैयारी में है इस खबर से शहर सरकार से लेकर कांग्रेश संगठन तक परेशान नजर आ रहे हैं

महिला पार्षदों तक का फूट पड़ा गुस्सा शहर के प्रमुख होटल में शहर सरकार को लेकर चल रही बैठकों के बीच बैठक में उपस्थित पार्षदों ने जमकर भड़ास निकाला यहां तक कि महिला पार्षदों तक का गुस्सा महापौर पर फूट पड़ा सब ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके वार्ड में एक तो काम नहीं होता यदि लाखों का काम भी हो गया तुझे पता ही नहीं चलता टेंडर में जमकर खेल हो रहा है कई पार्षद एक केंद्र तक किसी को नहीं दिला पा रहे हैं पार्षदों की नाराजगी को देखकर विधायक सहित महापौर और जिलाध्यक्ष भी सकपका गये पास उसको कि पार्षदों को की नाराजगी को देखते हुए महापौर ने बैठक में सभी के सामने खेद जताते हुए कहा कि आगे ऐसी स्थिति ना हो इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा

शहर सरकार के कांग्रेसी पार्षदों की नाराजगी की खबर आने के बाद विधायक देवेंद्र यादव महापौर नीरज पाल शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर पार्षदों के मान मनोबल में जुट गए लगातार बैठक बुलाई जा रही है किन्तु नाराज पार्षद बैठक से दूरी बनाए रखना चाहते हैं विधायक और जिला अध्यक्ष महापौर के साथ पिछले एक पखवारे से पार्षदों से उनकी नाराजगी को दूर करने के लिए लगातार बैठकों का दौर जारी रखा है सारे प्रयास करने के बावजूद भी शहर सरकार की बैठक में 35 के आसपास कांग्रेसी पार्षद बैठक में पहुंचे जहां मांग मनोबल के उपरांत पार्षदों को जूसर मशीन ढेर शुरू प्रदान किया गया बैठक पूरी तरह गोपनीय रखी गई थी पार्षदों के अलावा महिला पार्षदों के पति के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति को बैठक में प्रवेश नहीं दिया गया बैठक में विधायक देवेंद्र यादव इस बात को लेकर परेशान थे कि पार्षदों की नाराजगी की बात मीडिया तक कैसे पहुंच जाती है

उन्होंने पार्षदों से निवेदन किया कि कृपया अपनी नाराजगी मीडिया में सार्वजनिक ना करें इससे पार्टी की बदनामी होती है बताया जाता है कि शहर सरकार के बजट के पूर्व महापौर विधायक ने कांग्रेश पार्षदों की नाराजगी को दूर करने के लिए आनन-फानन में बैठक कर पार्षदों को गिफ्ट बांट कर उनकी नाराजगी दूर करने का प्रयास किया अब देखना है कि 31 मार्च को शहर सरकार के बजट के दौरान नाराज कांग्रेसी पार्षद किस मानसिकता में रहते हैं वैसे जल्द ही कांग्रेसी पार्षदों का गुस्सा फूटने वाला है

वह सब नाराज है कि महापौर नीरज पाल एमआईसी की एक ही दो सदस्यों को प्राथमिकता देते हुए तानाशाही तरीके से साहब सरकार चलाने में मस्त हैं अनेकों अनेकों दफा एमआईसी सदस्यों से चर्चा के दौरान महापौर ने कहा कि मैं ज्यादा किसी की नाराजगी बर्दाश्त नहीं कर सकता मुझे कोई शौक नहीं है कि मैं महापौर रहूं जब हाईकमान का आदेश आ जाएगा महापौर पद की त्याग दूंगा इस बात को लेकर भी एमआईसी सदस्यों में भी नाराजगी है कि महापौर पार्षद तो दो एमआईसी सदस्यों से भी सही ढंग से बात नहीं करते


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