आत्मा से परमात्मा का मिलना ही महारास, दर्शन करने पहुंचे थे शिव, अपने मामा का वध कर कृष्ण ने किया कंस का उद्धार…..

आज कथा का कपिला तर्पण सहस्त्र धारा अभिषेक के साथ होगा तर्पण।

भिलाई नगर 15 जनवरी 2026:- आजकल लोग श्री कृष्ण की रासलीला का अलग ही मतलब निकालते है जो कि सरासर गलत है। जबकि आत्मा से परमात्मा का मिलना ही महारास कहा गया है। यह जो रास है वह शुद्ध है इसलिए तो उजाली रात को भगवान कृष्णा ने महारास रचाया था। वासना रहित महारास होने के कारण ही भगवान शिव भी इस महारास लीला में उपस्थित हुए थे। महारास के संदर्भ में यह गूढ़ बातें आचार्य पंडित संदीप तिवारी ने कथा के दौरान कही।
प्रेम नारायण सेवा समिति और सम्प्रति सेवा समिति के तत्वाधान में श्री राम भद्र सेवा मंडल सेक्टर 2 में चल रहे श्रीमद भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ की श्रृंखला में छठवें दिन कथावाचक आचार्य संदीप तिवारी ने श्री कृष्ण के माखन चोरी लीला, वृंदावन से मथुरा गमन, गोवर्धन लीला, कंस वध, उद्धव चरित्र, रुकमणि मंगल की कथा विस्तार से बताई। बुधवार को कथा के दौरान वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन और भिलाई नगर विधायक देवेद्र यादव ने व्यास पीठ पर माथा टेका और कथा का रसपान किया।





आज कथा के विश्राम दिवस पर सुदामा चरित्र, परिक्षित मोक्ष की कथा के बाद कपिला तर्पण और सहस्त्र धारा अभिषेक के बाद कथा का विश्राम किया जायेगा। जिसके बाद दोपहर 1 बजे से महाभंडारे का आयोजन किया जाएगा। सम्प्रति सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा को सुनने प्रतिदिन सैंकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। बाल कृष्ण के माखन चोरी लीला की झांकी देखकर उपस्थित श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में भाव विभोर हो उठे। कथावाचक ने गोवर्धन लीला का विस्तार पूर्वक वर्णन किया।







सात दिन भूखे रहने के कारण लगाते है प्रभु को 56 भोग
बुधवार को आचार्य संदीप तिवारी ने कृष्ण लीला को बताते हुए गोवर्धन पर्वत से ब्रज की रक्षा करने के बाद 56 भोग लगाने का अर्थ बताते हुए गोपियों संग महारास लीला का सविस्तार वर्णन किया। उन्होंने बताया कि माता यशोदा प्रभु को कुछ ना कुछ खिलाया करती थी लेकिन गोवर्धन पर्वत को सात दिन बिना कुछ खाये पिये अपनी एक ऊंगली से उठाये रखने के कारण माता ने वात्सल्य भाव के साथ आठ पहर का भोग को सातों दिन मिलाकर एक साथ 56 पहर का भोग खिलाया था इसलिए कथा के दौरान श्री कृष्ण को 56 भोग लगाया जाता है।
समुद्र के बीच किया नगरी का निर्माण,,,,,








कृष्ण ने अपने मामा कंस का वध कर उसका उद्धार किया। कृष्ण द्वारा मथुरा छोड़कर समुद्र के बीच एक नगरी का निर्माण किया गया जिसका नाम द्वारिका पुरी पड़ा और द्वारिकापुरी के राजा होने के कारण इनका एक नाम दव्ारिकाधीश पड़ा।
आज होगा भागवत कथा सप्ताह का विश्राम,,,,,,







भागवत कथा सप्ताह का आज विश्राम दिवस होगा। जिसमें सुदामा चरित्र, कृष्ण पत्नियों का राधा रानी से मिलन, उद्धव शोक, यदुवंश विनाश, दत्तात्रेय कथा, परीक्षित मोक्ष का प्रसंग सविस्तार बताया जाएगा।







