बेटे को जेल से छुड़वाने का प्रलोभन देकर पीड़िता से की थी अश्लील हरकत, निलंबित आरक्षक अरविन्द कुमार मेन्ढे बर्खास्त…

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निलंबित आरक्षक अरविन्द कुमार मेन्ढे बर्खास्त
00 बेटे को जेल से छुड़वाने का प्रलोभन देकर पीड़िता से की थी अश्लील हरकत


भिलाई नगर 26 दिसंबर 2025:- पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ रहे निलंबित आरक्षक अरविन्द कुमार मेन्ढे को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है। आरक्षक पर एक महिला ने बेटे को जेल से छुड़वाने का प्रलोभन देकर अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया था। मामले में जांच के बाद निलंबित आरक्षक अरविन्द कुमार मेन्ढे का आचरण पुलिस रेगुलेशन के पैरा 64 सेवा की सामान्य शर्तें व सिविल सेवा ( आचरण ) 1965 नियम के विपरित पाया गया। लिहाजा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 311 के खंड ( 2 ) के उपखंड ख के अधीन प्रदत्त शक्तियों के आधार पर आधार क्रमांक 1211 अरविन्द कुमार मेन्ढे को निलंबन से बहाल करते हुए सेवा से पदच्युत कर दिया है।


उल्लेखनीय है कि अरविन्द कुमार मेन्ढे 18 अगस्त 2008 में पुलिस आरक्षक के रुप में शासकीय सेवा से जुड़ा था। वह 28 जून 2021 से पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ पदस्थ था। उसके खिलाफ थाना पुरानी भिलाई में एक महिला की रिपोर्ट पर धारा 64 ( 2 ) ( ए ) ( आई ) बीएनएस का प्रकरण दर्ज किया गया था। प्रकरण के आरोपी आरक्षक अरविन्द कुमार मेन्ढे शासकीय सेवक के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध होने पर सेवा शर्तों एवं आचरण नियमों के परिप्रेक्ष्य में प्राथमिक जांच कराई गई। प्राथमिक जांच में पाया गया कि 18 नवंबर 2025 को आरक्षक अरविन्द कुमार मेन्ढे ने प्रार्थिया को शाम 7 बजकर 5 मिनट से 7 बजकर 56 मिनट के बीच तीन बार अपने मोबाइल फोन से कॉल किया और चरोदा बस स्टैंड के पास बुलाया।

यहां से अरविन्द ने पीड़िता को अपने वाहन से रेलवे स्कूल के पास फाटक पार कर सूनसान जगह पर ले जाकर अनैतिक कृत्य किया। मामले में पीड़िता की शिकायत के बाद आरक्षक अरविन्द कुमार मेन्ढे के खिलाफ अपराध कायम कर निलंबित कर दिया गया। निलंबित आरक्षक अरविन्द का कथन लिपिबद्ध करने 16 दिसंबर 2025 कोई नोटिस जारी किया गया। चूंकि वह 19 नवंबर 2025 से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित है। जिसकी रिपोर्ट थाना पुरानी भिलाई में दर्ज की गई है। इस कारण नोटिस को वाहक के माध्यम से निवास स्थान भेजा गया। किंतु अरविन्द वहां पर भी नहीं मिला। अंततः उसकी बर्खास्तगी की कार्यवाही सुनिश्चित कर दी गई।


यहां पर यह बताना लाजिमी है कि पीड़िता का बेटा पास्को मामले में जेल में निरुद्ध है। इस मामले में पीड़िता का पुरानी भिलाई थाने आना – जाना लगा रहता था। इसी दौरान पीड़िता से आरक्षक अरविन्द कुमार मेन्ढे का परिचय हुआ। पीड़िता ने अरविन्द कुमार मेन्ढे से बेटे को जेल से छुड़वाने में मदद करने का आग्रह किया। मदद का आश्वासन देकर अरविन्द ने पीड़िता से मोबाइल नंबर लिया और उसके से बातचीत किया करता था। अरविन्द कुमार मेन्ढे ने 18 नवंबर को जेल में बंद बेटे के बारे में बात करने का हवाला देकर उसे चरोदा बस स्टैंड के पास बुलाया था।


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