एन.डी.पी.एस. एक्ट विवेचना संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

▪️ एन.डी.पी.एस. एक्ट की विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु प्रशिक्षण आयोजित
▪️ विवेचकों को विधिक प्रावधानों एवं प्रक्रियाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
▪️ जप्ती, सैंपलिंग, एफ.एस.एल. परीक्षण एवं चेन ऑफ कस्टडी पर विशेष जोर
▪️ न्यायालयीन दृष्टिकोण से साक्ष्य संकलन पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया

भिलाई नगर 07 फरवरी
आज एन.डी.पी.एस. एक्ट के अंतर्गत प्रकरणों की विवेचना को अधिक प्रभावी, विधिसम्मत एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधिकारी/विवेचकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पुरानी पुलिस लाईन, दुर्ग स्थित दधीचि प्रशिक्षण हाल में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्री अभिषेक शांडिल्य, भापुसे., पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज द्वारा एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रकरणों में केस-स्टडी के माध्यम से विवेचना की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए विधिसम्मत कार्यवाही किए जाने के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

श्री विजय अग्रवाल, भापुसे., उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला दुर्ग द्वारा नशीली टेबलेट एवं कैप्सूल से संबंधित प्रकरणों में कार्यवाही के समय ध्यान देने वाली बात और विवेचना की गुणवत्ता को कैसे बढ़ाए के संबंध में बताए।
डिप्टी डायरेक्टर (प्रॉसिक्यूशन )श्री भीम सिंह राजपूत द्वारा धारा 50 एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रावधानों का पालन, जप्तशुदा मादक पदार्थ को शीघ्र एफ.एस.एल. परीक्षण हेतु भेजने, धारा 55 के अंतर्गत जप्त माल की सुरक्षित अभिरक्षा एवं चेन ऑफ कस्टडी तथा धारा 57 के अंतर्गत संपूर्ण कार्यवाही की सूचना देने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही एक से अधिक आरोपियों की स्थिति में धारा 29 एन.डी.पी.एस. एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही करने पर भी प्रकाश डाला गया।

श्रीमती सुनीता टोप्पो, विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस.), न्यायालय, दुर्ग द्वारा एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रकरणों में सूक्ष्म साक्ष्यों के महत्व, दस्तावेजी साक्ष्य की शुद्धता एवं विवेचना के दौरान संपूर्ण विवरण स्पष्ट रूप से लेखबद्ध करने के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
माननीय श्री रवि कश्यप, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, माननीय न्यायालय, दुर्ग द्वारा विवेचकों को एन.डी.पी.एस. एक्ट के मामलों में विवेचना की बारीकियों को समझाते हुए न्यायालयीन अपेक्षाओं के अनुरूप जांच कार्यवाही किए जाने के संबंध में जानकारी दी गई।
श्री पंकज ताम्रकार, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, एफ.एस.एल. भिलाई द्वारा नशीली टेबलेट एवं कैप्सूल से संबंधित मामलों में सैंपलिंग प्रक्रिया, घटनास्थल पर स्पष्ट एवं त्रुटिरहित दस्तावेज तैयार करने, ओवरराइटिंग से बचने तथा जप्तशुदा मादक पदार्थ को शीघ्र एफ.एस.एल. परीक्षण हेतु भेजने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।


तत्पश्चात श्री मणिशंकर चन्द्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), जिला दुर्ग द्वारा नशीली टेबलेट/कैप्सूल प्रकरणों में विवेचना, जप्त माल की सुरक्षित अभिरक्षा से लेकर एफ.एस.एल. भेजने तक चेन ऑफ कस्टडी, संपूर्ण कार्यवाही की सूचना, धारा 29 एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रयोग, आगजनी के दौरान संपत्ति क्षति का विवरण एवं मर्ग जांच में परिस्थितिजन्य तथ्यों के उल्लेख के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्री चन्द्रप्रकाश तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक (लाईन), दुर्ग सहित जिले के विभिन्न थानों से लगभग 75 पुलिस अधिकारी/विवेचक उपस्थित रहे।
दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस समस्त विवेचकों से अपील करती है कि एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रकरणों में विधिक प्रावधानों का पूर्णतः पालन करते हुए निष्पक्ष, सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करें, जिससे दोषियों को न्यायालय से दंड दिलाया जा सके एवं समाज को नशामुक्त रखने में प्रभावी योगदान दिया जा सके।




