जेल में मिली एड्स की बीमारी तो भगवान से उठ गया भरोसा….. लौटने के बाद मंदिरों से करने लगा दान के रकम की चोरी….. पुलिस के हत्थे चढ़ा तो कबूला 30 से ज्यादा चोरियां….

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जेल में मिली एड्स की बीमारी तो भगवान से उठ गया भरोसा
00 लौटने के बाद मंदिरों से करने लगा दान के रकम की चोरी
00 पुलिस के हत्थे चढ़ा तो कबूला 30 से ज्यादा चोरियां

मंदिरों में चोरी करने वाला आरोपी पुलिस गिरफ्त में।

घटना के पूर्व मंदिरों में घूम घूम कर करता था रेकी।

चोरी करने के पूर्व व बाद बदल लेता था अपने कपड़े।

मंदिर से सिर्फ नगद रकम ही चोरी करता था, आभूषण छोड़ देता था। चोरी के 1282 रूपये के सिक्के एवं जूपीटर वाहन बरामद। आरोपी को पकडने में सीसीटीवी की रही महत्तवपूर्ण भूमिका। त्रिनयन एप की रही महत्तवपूर्ण भूमिका। एन्टी क्राईम एण्ड सायबर यूनिट एवं थाना नेवई की संयुक्त कार्यवाही।

भिलाई नगर 28 अगस्त 2025:- एक शख्स मारपीट के मामले में जेल गया। यह वर्ष 2012 का मामला है। पता नहीं कैसे जेल से उसे एड्स जैसी लाइलाज बीमारी ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस बीमारी के चलते जेल से लौटने के बाद भगवान से उसका भरोसा इस कदर टूट गया कि वह मंदिरों में घूम घूमकर चोरी करने लगा। वह मंदिरों से केवल दान में मिले नगदी रकम की चोरी करता था। सोने चांदी के जेवरात को हाथ तक नहीं लगाता था। पुलिस के पूछताछ में उसने लगभग 30 मंदिरों में चोरी की बात कबूली है। जिसमें से लगभग 10 का ही रिपोर्ट थानों में दर्ज है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भिलाई दुर्ग शहर सुखनंदन राठौर ने पुलिस नियंत्रण कक्ष सेक्टर 6 के सभागार में पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि जिले के थाना नेवई क्षेत्र अंतर्गत जैन मंदिर रिसाली में हुये चोरी की घटना को गंभीरता से लेते हुये  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग  विजय अग्रवाल के द्वारा माल मुलजिम की शीघ्र पतासाजी कर गिरफ्तारी हेतु दिशा निर्देश प्राप्त हुये थे जिसके परिपालन में एसीसीयू एवं थाना नेवई को शीघ्रतापूर्वक पतासाजी के लिये लगाया गया था।

इसी तारतम्य में एसीसीयू एवं थाना नेवई की टीम द्वारा घटनास्थल का मुआयना कर अज्ञात आरोपी के पता तलाश हेतु आसपास में लगे सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया गया एवं सायबर टीम की मदद ली गई, मुखबिर लगाए गये। लगातार सीसीटीवी फूटेज का अवलोकन से आरोपी के आने-जाने वाले रास्ते एवं घर तक पहुंचने का पता चला, जिसे घेराबंदी कर पकडा गया और पूछताछ किया गया।

आरोपी  पूर्व में 2011-12 में मारपीट के प्रकरण में जेल गया था। जेल में आरोपी की मुलाकात चोरी के अन्य अपराधी जो पहले से जेल में निरूद्ध थे, से हुआ। जेल में रहकर आरोपी का मन चोरी की ओर झुक गया। जेल से वर्ष 2012 में छूटने के बाद आरोपी ने मंदिरो में चोरी करने शुरू कर दिया। चोरी के दौरान आरोपी जिस मंदिर में चोरी करना है उस मंदिर की रेकी करता था। रेकी पूरी होने पर दूसरे दिन आरोपी चोरी करने अपने जूपीटर में जाता और घटनास्थल पहुंचने के कुछ दूर पहले अपनी जूपीटर को खड़ी कर देता एवं अपने पहने हुये कपडे चेंज कर लेता था वहाँ से पैदल जाकर मंदिर का ताला तोडकर चोरी की घटना को अंजाम देता था। चोरी की घटना कारित करने के पश्चात् वापस अपने जूपीटर के पास जाता एवं पुनः कपडे को चेंज कर लेता था। बार-बार आरोपी द्वारा कपडे बदलने से आरोपी की पहचान सीसीटीवी कैमरा में आसानी से नही हो पा रही थी।

आरोपी द्वारा चोरी के बाद मुख्य मार्ग का उपयोग ना करके गली-महल्लों के मार्गों का उपयोग करता था ताकि कैमरो की जद में ना आ सकें। आरोपी द्वारा अभी तक 10 अलग-अलग मंदिरों में चोरी करना बताया हैं। शहर के जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिकों के द्वारा अपने घरो/दुकानों में लगाये गये अच्छी क्वालिटी के कैमरों के कारण आरोपी की निशानदेही में पुलिस को कॉफी सहयोग मिला जिसके चलते आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी। आम नागरिको के सहयोग से ही ऐसे आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस को मदद मिलती है। अतः अगर सभी नागरिक इसी तरह जागरूक हो तो ऐसे अपराधिक घटनाओं को घटित होने से रोका जा सकता है।

थाना नेवई-02, सुपेला-03, प‌द्मनाभपुर 01, भिलाई भट्टठी-02, भिलाई नगर 01 में भी मंदिर में हुए चोरी के अपराध को कारित करना स्वीकार किया है जिसमें अपराध पंजीबद्ध है।

उक्त कार्यवाही में एसीसीयू एवं थाना नेवई की उल्लेखनीय भूमिका रही ।


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