जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा एवं अनुसंधान केन्द्र में विश्व स्तनपान सप्ताह 2025 के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित….

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जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा एवं अनुसंधान केन्द्र में विश्व स्तनपान सप्ताह 2025 के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

भिलाई नगर 01 अगस्त 2025:-
भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र, भिलाई के शिशु रोग एवं नवजात शिशु विभाग द्वारा 01 अगस्त से 07 अगस्त 2025 तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। यह आयोजन वैश्विक स्तर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लू.एच.ओ) द्वारा निर्देशित इस वर्ष की थीम “स्तनपान को प्राथमिकता दें: टिकाऊ समर्थन प्रणाली बनाएं” के अंतर्गत किया जा रहा है। सप्ताह भर चलने वाले इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य माताओं और समाज को स्तनपान के लाभों से अवगत कराना है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए बहुआयामी लाभकारी होता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा) डॉ. एम. रविंद्रनाथ रहे। साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनीता द्विवेदी, डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर, डॉ. सौरभ मुखर्जी और डॉ. उदय कुमार की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुई।


अपने उद्घाटन उद्बोधन में मुख्य अतिथि डॉ. एम. रविंद्रनाथ ने इस अभियान को सामुदायिक भागीदारी से सशक्त करने और इसे दीर्घकालीन रूप से प्रभावशाली बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।


अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबोध कुमार साहा ने स्तनपान को शिशु पोषण का सर्वोत्तम स्रोत बताते हुए इसके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक लाभों को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग कॉलेज के छात्रों एवं डीएनबी डॉक्टरों द्वारा तैयार की गई पोस्टर प्रदर्शनी का उद्घाटन कार्यपालक निदेशक डॉ. एम. रविंद्रनाथ द्वारा किया गया। डीएनबी डॉक्टरों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने उपस्थितजन को स्तनपान के प्रति सोचने और जुड़ने का अवसर दिया। इसके उपरांत कुछ माताओं द्वारा अपने स्तनपान अनुभव साझा किए गए। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती लता मिश्रा ने किया व धन्यवाद ज्ञापन अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीता सचदेवा द्वारा प्रस्तुत किया गया।


चिकित्सालय में विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें ओपीडी परिसर में पोस्टर प्रदर्शनी और नुक्कड़ नाटक, शिशु वार्ड, नवजात इकाई, बाल रोग ओपीडी और नवजात ओपीडी में जागरूकता सत्र एवं स्तनपान परामर्श शामिल हैं। मिशन लक्ष्मी के माध्यम से समुदाय स्तर पर भी जानकारी प्रसारित की जा रही है। साथ ही नर्सिंग स्टाफ हेतु “स्तनपान प्रबंधन और समाधान” विषय पर सेमिनार का आयोजन भी किया गया है।


इस कार्यक्रम के आयोजन में शिशु रोग विभाग की पूरी टीम — विभागाध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संबिता पांडा, नवजात इकाई प्रभारी एवं अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबोध कुमार साहा, तथा डॉ. मीता सचदेवा, डॉ. नूतन वर्मा, डॉ. कौशिक किशोर, डॉ. माला चौधरी, डॉ. सुभास्मिता पट्टनायक और डॉ. रुचिका ताम्रकार — ने समर्पित रूप से भागीदारी निभाई और मार्गदर्शन में श्रीमती शायला अब्राहम एवं श्रीमती बीना जोस का सराहनीय सहयोग रहा।
शिशु रोग विभाग के सभी डीएनबी रेज़िडेंट — डॉ. सुभाष, डॉ. अक्षय, डॉ. राजकुमार, डॉ. मारोती, डॉ. पंकज, डॉ. सचिन, डॉ. अमृता, डॉ. पूजा, डॉ. आनंद, डॉ. उमेश, डॉ. प्रियदर्शिनी, डॉ. शशिकला, डॉ. मेघना, डॉ. मोइन और डॉ. रोमी — ने कार्यक्रम की सफलता में सक्रिय योगदान दिया।

उल्लेखनीय है कि जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) देश के अग्रणी संस्थानों में से एक बनकर उभरी है। बेब़ी-फ्रेंडली हॉस्पिटल के रूप में मान्यता प्राप्त इस इकाई ने नवजात मृत्यु दर को राष्ट्रीय औसत 20 प्रति हजार से कम किया है। नवजात पोषण को प्राथमिकता देते हुए मातृ – दुग्ध बैंक की स्थापना की गई है — जो कि समस्त सेल अस्पतालों में पहला है। एनआईसीयू में प्रतिदिन माता-पिता के लिए आवश्यक नवजात देखभाल (ईएनबीसी) विषय पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाते हैं। इन सत्रों का संचालन डीएनबी प्रशिक्षुओं एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा किया जाता है।


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