करंज कुंज उद्यान का एसपी-3 में लोकार्पण: हरित पहल और सांस्कृतिक नवाचार का संगम

भिलाई नगर 31 जुलाई 2025:- भिलाई इस्पात संयंत्र के सिंटर प्लांट-3 (एसपी-3) में विकसित करंज कुंज उद्यान का लोकार्पण 27 जुलाई 2025 को किया गया। यह पहल पर्यावरणीय पुनर्जीवन और कर्मचारियों की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस नवविकसित उद्यान को सहायक महाप्रबंधक (एसपी-3) आर. के. रणदिवे के नाम समर्पित किया गया, जिनके कुशल नेतृत्व और सिंटर संयंत्र के सतत विकास में दिए गए उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित करने हेतु यह निर्णय लिया गया।

इस अवसर पर महाप्रबंधक प्रभारी (सिंटर संयंत्र) अनुप कुमार दत्त एवं महाप्रबंधक (एसपी-3) सजीव वर्गीज सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। जहां कभी यह स्थल अनुपयोगी भूमि के रूप में उपेक्षित था, वहीं अब यह हरियाली से आच्छादित एक शांतिपूर्ण उद्यान में परिवर्तित हो चुका है, जो कर्मचारियों के लिए विश्राम और मानसिक ताजगी का केंद्र बन गया है।


उद्यान विकास हेतु बहुआयामी कार्य किए गए, जिनमें चारों ओर सुरक्षा रेलिंग व फेंसिंग की स्थापना, भूमि समतलीकरण, पहुंच मार्ग का निर्माण तथा एलडी स्लैग पेवर ब्लॉक्स की साज-सज्जा शामिल रही। साथ ही, नए पौधों का रोपण कर परिधीय हरियाली में उल्लेखनीय वृद्धि की गई। वर्तमान में यह हराभरा उद्यान प्रतिदिन लगभग 100 से 150 कर्मचारियों के लिए खाली समय के विश्रामकाल में एक सकारात्मक व स्फूर्तिदायक स्थान उपलब्ध कराता है, जिससे कार्यस्थल का वातावरण भी आनंददायक बना है।

उल्लेखनीय है कि इस अवसर को और भी विशेष बनाते हुए, एसपी-3 विभाग द्वारा कार्यस्थल पर पहली बार मासिक जन्मदिन समारोह का आयोजन भी किया गया, जो विभागीय सांस्कृतिक गतिविधियों की दिशा में एक अभिनव पहल है।
यह आयोजन कार्यालय समय के उपरांत सिंटर मशीन-2 के सिंटर स्क्रीन भवन में किया गया, वह स्थल जो पूर्व में धूलयुक्त और अनुपयुक्त दशा में रहा करता था, पर सहायक महाप्रबंधक आर. के. रणदिवे और उनकी टीम के अथक प्रयासों से न केवल इस सिंटर स्क्रीन भवन स्थल की स्वच्छता और सुव्यवस्था सुनिश्चित हुई, बल्कि इसे एक गरिमापूर्ण आयोजन स्थल के रूप में परिवर्तित किया गया।

इस आयोजन में अधिकारियों व कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और यह पहल सिंटर संयंत्र परिसर में भविष्य में होने वाले ऐसे और आयोजनों के लिए आदर्श प्रांगण बन गई है।



